डिंडौरी : बच्चे को मोबाइल देना पड़ा भारी, अनजान लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़े 50 हजार रुपए; जानें बचाव के अचूक तरीके

 

डिंडौरी में साइबर ठगी: बच्चे को मोबाइल देना पड़ा भारी, अनजान लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़े 50 हजार रुपए; जानें बचाव के अचूक तरीके

डिंडौरी (मध्य प्रदेश): डिंडौरी जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद लोग अनजाने में ठगों के जाल में फंस रहे हैं। ताजा मामला डिंडौरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सक्का का है, जहां एक महिला को बच्चे को मोबाइल देना बेहद महंगा पड़ गया। मोबाइल पर आई एक अज्ञात लिंक पर क्लिक होते ही महिला के बैंक खाते से 49,999 रुपए पार हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम आवास टोला (मोहदा) की रहने वाली 25 वर्षीय अंजलि वनवासी कुछ दिन पहले ही अपने मायके ग्राम सक्का आई थीं। उनका खाता यूनियन बैंक की सक्का शाखा में है और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर वे फोनपे का इस्तेमाल करती हैं। घटना 10 सितंबर की दोपहर करीब 12:55 बजे की है, जब महिला का मोबाइल बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान फोन पर एक अज्ञात लिंक आई, जिस पर खेलते-खाते बच्चों का क्लिक हो गया। लिंक पर क्लिक होते ही कुछ ही पलों में महिला के बैंक खाते से 49,999 रुपए कट गए।

खाते से पैसे कटने का मैसेज आते ही महिला के होश उड़ गए। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल अपने खाते में बची हुई शेष रकम को सुरक्षित दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किया। इसके बाद वे बैंक पहुंचीं, जहां बैंक कर्मियों ने उन्हें तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। पीड़ित महिला ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। साथ ही कोतवाली थाने में भी लिखित शिकायत दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से आगे की जांच शुरू कर दी है।

साइबर ठगी से बचाव के बेहद जरूरी और कारगर तरीके

बढ़ते साइबर अपराधों के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि आप डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हैं या बच्चों के हाथ में फोन देते हैं, तो साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

बच्चों को मोबाइल देते समय बरतें पूरी सावधानी: अक्सर बच्चे गेम खेलते समय या वीडियो देखते समय पॉप-अप विज्ञापनों और अनजान लिंक्स पर क्लिक कर देते हैं। बच्चों को फोन देने से पहले मोबाइल का इंटरनेट डेटा बंद कर दें या सुरक्षित 'किड्स मोड' (Kids Mode) का उपयोग करें। किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक को बच्चों की पहुंच से हमेशा दूर रखें।

अनजान लिंक्स और लुभावने संदेशों से रहें दूर: किसी भी अज्ञात नंबर से आई लॉटरी, कैशबैक, फ्री गिफ्ट, बिजली बिल अपडेट या केवाईसी (KYC) से जुड़ी लुभावनी लिंक्स पर कभी भी क्लिक न करें। बैंक या कोई भी वित्तीय संस्थान कभी भी फोन या मैसेज के जरिए पासवर्ड, ओटीपी या लिंक पर क्लिक करने के लिए नहीं कहता है।

घटना होते ही तुरंत '1930' हेल्पलाइन पर करें कॉल: वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 'गोल्डन ऑवर' यानी घटना के तुरंत बाद का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या अधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगों के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई रकम को फ्रीज (होल्ड) कराया जा सकता है।

तुरंत बैंक और यूपीआई सेवाएं करें ब्लॉक: ऑनलाइन फ्रॉड का अहसास होते ही सबसे पहले अपने संबंधित बैंक को कॉल करके अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और फोनपे या गूगल पे जैसी यूपीआई सेवाओं को तुरंत ब्लॉक करवा दें, ताकि आगे के नुकसान से बचा जा सके।

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