डिंडौरी जिले में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत और जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सहकारी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्यानिकी और दुग्ध संघ से जुड़ी सहकारी गतिविधियों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समय पर लाभ दिलाकर सहकारिता क्षेत्र को पूरी तरह सशक्त बनाया जाए।
नवीन सहकारी समितियों के गठन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत नई सहकारी समितियों का गठन किया जाए और उन्हें आवश्यक मैदानी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को निर्देश दिए गए कि वे पशुपालकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाते हुए अधिक से अधिक दुग्ध समितियों का गठन कराएं और उनके व्यवसाय में वृद्धि सुनिश्चित करें।
मत्स्य, उद्यानिकी और दुग्ध संकलन पर निर्देश
कलेक्टर ने मत्स्य विभाग को जलाशयों का सही चिन्हांकन कर मत्स्य समितियों के पंजीयन के लिए सहकारिता विभाग को तुरंत प्रस्ताव भेजने को कहा। दुग्ध संघ के माध्यम से अधिक से अधिक समितियों का पंजीयन कराकर दुग्ध संकलन को बढ़ाने पर बल दिया गया। साथ ही, उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के जरिए सहकारी समितियों का दायरा बढ़ाकर सदस्यों की आय में वृद्धि के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
विभागीय समन्वय से बढ़ेगी समितियों की कार्यक्षमता
बैठक में डीडीएम नाबार्ड द्वारा सहकारिता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना और गौ सेवकों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि सहकारी समितियों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता और आय में वृद्धि की जाए, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी सक्रियता से काम करें।
0 टिप्पणियाँ