कहीं आपके नगर और मोहल्ले में तो नहीं छिपे हैं फर्जी पासपोर्ट वाले? कई जिले एसटीएफ के रडार पर

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 भोपाल/विशेष संवाददाता:

देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा पर्दाफाश किए गए फर्जी पासपोर्ट रैकेट (Fake Passport Racket) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत-दर-परत बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार मुख्य संदिग्धों के तार सीधे बांग्लादेश से जुड़े पाए गए हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

असम के पतों पर तैयार हुए अवैध पासपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, 7 सितंबर को एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अधिकांश पासपोर्ट असम के रहने वाले लोगों के नाम पर बनाए गए थे। असल में, ये सभी बांग्लादेशी नागरिक थे जो अवैध रूप से असम में दाखिल हुए थे और इसके बाद नाम व पहचान बदलकर मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में फैल गए थे।

गिरफ्तार मुख्य आरोपी:

रियाल चौधरी (मास्टरमाइंड)

जय चौधरी बरुआ

प्रियन राय (महाराष्ट्र के उल्हासनगर से गिरफ्तार)

बिप्लब अधिकारी (दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार)

एसटीएफ की राडार पर 25 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी

इस पूरे फर्जीवाड़े में आंतरिक तंत्र की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ की अब तक की जांच में भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना और बैतूल के 25 से अधिक पुलिस अधिकारियों और अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिन्हें राडार पर लिया गया है।

इस मामले की जांच के लिए 5 विशेष टीमें मध्य प्रदेश के बाहर भी लगातार छापेमारी कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान पुलिस थानों और विभिन्न विभागों से लेकर पासपोर्ट वेरिफिकेशन तक की फाइलों को खंगाला जा रहा है।

कहां कितने फर्जी पासपोर्ट हुए ट्रेस?

जांच एजेंसियों के हाथ जो दस्तावेज लगे हैं, उनके अनुसार अब तक कुल 70 फर्जी पासपोर्ट ट्रेस किए जा चुके हैं:

भोपाल: 40 पासपोर्ट

डबरा (ग्वालियर): 17 पासपोर्ट

बैतूल: 11 पासपोर्ट

छिंदवाड़ा और पांढुर्ना: 1-1 पासपोर्ट

एजेंसियों का मानना है कि यह तो केवल एक बानगी है, और कई अन्य फर्जी पासपोर्ट अभी भी एसटीएफ की पकड़ से दूर हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

सत्य प्रहार की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

इस प्रकार के मामले यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हमारे आस-पास, हमारे अपने नगर या मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति फर्जी पहचान के साथ रह रहा है? सत्य प्रहार अपने पाठकों से अपील करता है कि यदि आपके आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति संदेहास्पद स्थिति में दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दें। आपकी सतर्कता ही देश और समाज की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है।

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