डिंडौरी की ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ 25 पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित रह गए और अब इस गंभीर मामले में पंचायत सचिव गणेश यादव को जिला पंचायत द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
जनपद पंचायत बजाग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सर्वे कार्य में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला पंचायत डिंडौरी के आवास प्रभारी और जनपद पंचायत बजाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ है।
जांच में अनुपस्थित रहे सचिव
शिकायत के बाद जांच अधिकारियों ने पंचायत सचिव गणेश यादव को पक्ष रखने के लिए बुलाया था, लेकिन वे जांच में उपस्थित नहीं हुए, जिसे प्रशासनिक कर्तव्यों के प्रति उदासीनता माना गया है।
25 पात्र परिवार हुए प्रभावित
जांच दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2024-25 के सर्वे में रामदेव धुर्वे, सावन नंदा, फूल सिंह, तेजू धुर्वे सहित कुल 25 हितग्राही पात्र पाए गए, जिनका सर्वे और सत्यापन कार्य नहीं किया गया था। इसके चलते पात्रता होने के बावजूद इन परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
पोर्टल बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा आवास सर्वे पोर्टल बंद कर दिया गया है, जिससे छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का नया सर्वे कराया जाना अब संभव नहीं है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
सचिव के इस कृत्य को म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 का उल्लंघन मानते हुए, म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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