डिंडौरी (04 जुलाई, 2026): जिले में चल रहे सरकारी निर्माण कार्यों में आ रहे अनावश्यक विलंब को रोकने और काम में पूरी पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शहपुरा एसडीएम श्री ऐश्वर्य वर्मा, डिंडौरी एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, बजाग एसडीएम श्री अक्षय डिगरसे और संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग (PWD), हाउसिंग बोर्ड, म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC), पीआईयू, जिला शिक्षा विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) और जल संसाधन विभाग जैसे सभी प्रमुख निर्माण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कार्यपालन यंत्री भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने जिले में संचालित विभिन्न सड़क, भवन, आवासीय और अधोसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी लंबित निर्माण कार्यों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर शीघ्र पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन की प्रक्रिया को राजस्व विभाग के समन्वय से समय पर पूरा किया जाए ताकि विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि कोई भी शासकीय निर्माण कार्य जनता की शिकायत का कारण नहीं बनना चाहिए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सड़क निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए कि सभी कार्य अनुबंध और निर्धारित मानकों के अनुसार ही पूरे किए जाएं, ताकि सड़कों में बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर वहां तत्काल संकेतक बोर्ड लगाने और पूर्ण हो चुके कार्यों पर सूचना पटल (साइन बोर्ड) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण प्रवेश द्वार बनाने और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही भवनों को हैंडओवर लेने की बात कही।
कलेक्टर ने पंचायती राज विभाग के तहत बन रहे सामुदायिक भवनों, आंगनवाड़ियों और पंचायत भवनों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी से सीधे वसूली की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सीईओ, सचिव और एई को नियमित रूप से कार्यस्थल पर जाकर भौतिक निरी
क्षण करने और वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए पुल निर्माण वाले स्थानों से मलबा हटाने व आवागमन सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

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