डिंडोरी। जिले के जोगी टिकरिया गांव में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार शुक्रवार की रात फूट पड़ा। बिजली की आंख-मिचौली और अव्यवस्था से त्रस्त बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष जिला मुख्यालय स्थित बिजली विभाग के कार्यालय जा पहुंचे। वहां उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा किया और व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार करने की मांग करते हुए अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गांव में रोजाना कई-कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल हो रही है। कटौती का कोई समय निर्धारित न होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण राजा और प्रमोद नाथ ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि बिजली न रहने के कारण गांव में पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है। वाटर सप्लाई बंद होने से लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं लगातार छाए रहने वाले अंधेरे की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। लोगों का कहना है कि बारिश के इस मौसम में बिजली की समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है, क्योंकि रात के वक्त बार-बार बत्ती गुल होने से गांव में जहरीले जीव-जंतुओं का डर और असुरक्षा की भावना लगातार बनी रहती है।
दूसरी तरफ, मामले को लेकर बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री राकेश बघेल ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से कई जगहों पर पेड़ गिरने के कारण विद्युत लाइनों में फाल्ट आ रहे हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय अमला लगातार मुस्तैदी से फाल्ट सुधारने और व्यवस्था को दोबारा सामान्य करने के काम में जुटा हुआ है। हालांकि, ग्रामीण इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली की सुचारू आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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