बुधवार 8 जुलाई को स्थानीय पुलिस चौकी से न्याय न मिलने के कारण परेशान होकर पीड़ित आदिवासी महिला जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रेखा धर्मेंद्र सिंह को लिखित आवेदन सौंपकर पूरी आपबीती सुनाई।
महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया कि बीते 4 जुलाई को मजदूरी का काम खत्म कर जब वह घर लौट रही थी, तभी गांव के ही राकेश नामक युवक ने उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज की, मारपीट की और हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की। महिला ने आवेदन में उल्लेख किया है कि घटना के वक्त उसके शोर मचाने पर जब उसका पति मौके पर पहुंचा तो आरोपी वहां से भाग निकला, जिसके बाद आरोपी पक्ष के परिजनों ने गांव में ही राजीनामा कराने का झांसा देकर पीड़ितों को रोके रखा और इसी बीच चालाकी से खुद पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
महिला का आरोप है कि जब वह अपने पति के साथ सोमवार 6 जुलाई को अमरपुर पुलिस चौकी अपनी फरियाद लेकर पहुंची, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत सुनने से साफ इनकार कर दिया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें चौकी से भगा दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष
रुदेश परस्ते
ने मांग की है कि महिला की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर आरोपी राकेश को गिरफ्तार किया जाए और इसके साथ ही पीड़ितों से अभद्रता करने व लापरवाही बरतने वाले अमरपुर चौकी प्रभारी के ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि डिंडौरी जिले में गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रेखा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और सौंपे गए लिखित आवेदन के आधार पर मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। एएसपी रेखा धर्मेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया है कि इस शिकायत को संबंधित पुलिस चौकी भेजकर पूरी रिपोर्ट तलब की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य और सत्यता सामने आएगी, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरे विवाद पर अमरपुर चौकी प्रभारी संतोष यादव का कहना है कि गत 4 जुलाई को उक्त महिला और उसके पति के खिलाफ ही गांव के दूसरे पक्ष द्वारा मारपीट की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके सिलसिले में उन्हें केवल पूछताछ के लिए चौकी बुलाया गया था। चौकी प्रभारी के मुताबिक, उक्त महिला की ओर से पहले ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी और न ही उन्हें भगाया गया था, हालांकि अब जो शिकायत सामने आई है, उसकी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई होगी।
0 टिप्पणियाँ