डिंडौरी जिले में नर्मदा नदी पर प्रस्तावित राघवपुर-मरवारी बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर क्षेत्र में कानून व्यवस्था, लोक शांति और सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है
प्रशासन का अति सख्त धारा 163 का आदेश और प्रमुख प्रतिबंध
ग्राम घुसियामाल में प्रस्तावित राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना के कार्यस्थल एवं उससे लगे 5 किलोमीटर के दायरे में लोक शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को भांपते हुए प्रशासन ने यह निषेधाज्ञा जारी की है
यह आदेश 11 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है और आगामी 2 महीने तक प्रभावशील रहेगा
क्या है राघवपुर-मरवारी बहुउद्देशीय परियोजना?
यह वृहद बहुउद्देशीय परियोजना डिंडौरी जिले की शाहपुरा तहसील के ग्राम मरवारी के समीप नर्मदा नदी पर प्रस्तावित है
इस परियोजना के पूर्ण होने से 25 मेगावाट विद्युत (बिजली) का उत्पादन किया जाएगा और 17,587 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। बांध में कुल 726.87 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण होगा, जिसमें से 564.47 मिलियन घन मीटर उपयोगी जल भंडारण क्षमता निर्धारित की गई है। इसके अलावा, कुल उपयोगी भंडारण का 10 प्रतिशत यानी लगभग 56.40 मिलियन घन मीटर जल विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था के लिए प्रावधानित किया गया है।
प्रभावित ग्राम, विस्थापन और मुआवजा प्रक्रिया
इस बहुउद्देशीय परियोजना के डूब क्षेत्र के अंतर्गत डिंडौरी और शाहपुरा तहसीलों के कुल 45 ग्राम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लगभग 1,706 परिवारों के विस्थापित होने की संभावना है। भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत सभी 45 डूब प्रभावित गांवों की निजी भूमि के लिए धारा-11 और धारा-19 का प्रकाशन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
इनमें से 25 गांवों के प्रस्ताव धारा-23 अवार्ड हेतु प्रस्तुत किए जा चुके हैं। पारदर्शी वित्तीय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मुआवजे के भुगतान हेतु ₹294 करोड़ की भारी-भरकम राशि कलेक्टर के पीडी खाते में पहले ही जमा कराई जा चुकी है। मध्य प्रदेश शासन, नर्मदा विकास विभाग के आदेशानुसार विशेष पैकेज स्वीकृत हो चुका है और अंतिम अवार्ड तैयार कर एसडीएम डिंडौरी/शाहपुरा को सौंप दिए गए हैं। वर्तमान में स्वीकृत अवार्ड की राशि का वितरण कार्य तेजी से प्रगति पर है और अब तक 5 गांवों में लगभग ₹30 करोड़ की राशि का वितरण संबंधित पात्र हितग्राहियों को किया जा चुका है। इसके साथ ही, विस्थापितों के समुचित पुनर्वास और पुनर्स्थापना हेतु डिंडौरी तहसील के ग्राम मुड़ियाकलां में 27.390 हेक्टेयर भूमि का चयन कर लिया गया है।
संवाद, बैठकों का दौर और पिछले दिनों का घटनाक्रम
प्रशासन ने धारा 163 जैसी सख्त कार्रवाई से पहले और उसके साथ-साथ संवाद के रास्ते भी खुले रखे हैं ताकि हर समस्या का शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके: 1 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी पक्षों की बात सुनकर एक शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान खोजना था
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में बाधा डालने या लोक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वहीं दूसरी ओर प्रभावितों के वैध हितों और संवाद के लिए प्रशासनिक दरवाजे हमेशा खुले हैं



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