डिण्डौरी चावल संदिग्ध घोटाले??? पर प्रशासनिक शिकंजा: 15 दिन का अंतिम नोटिस, वेयरहाउस विवाद और सवालों के घेरे में राइस मिल की कार्यप्रणाली

 डिण्डौरी:

आदिवासी बहुल डिण्डौरी जिले में गरीबों के राशन और सरकारी अनाज के भंडारण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कसावट अब बेहद तेज हो गई है। हाल ही में मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, जिला डिण्डौरी द्वारा जारी एक कड़े अंतिम नोटिस ने इस पूरे प्रकरण को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार जानते हैं कि आज की स्थिति क्या है, दो दिन पहले क्या घटनाक्रम सामने आया, इस पूरे मामले की शुरुआत कैसे हुई और यदि तय समय में संतोषजनक जवाब या कार्रवाई नहीं हुई, तो शासन के नियमों के तहत आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं???

आज का ताजा नोटिस: 15 दिन का अल्टीमेटम और बकाए का गणित

Dindori News - MP State Civil Supplies Corporation final notice to Khanuja Rice Mill regarding BRL rice upgrade


मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, जिला डिण्डौरी द्वारा दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को मेसर्स खनूजा राइस मिल को एक अंतिम नोटिस (क्रमांक 339) जारी किया गया है। इस नोटिस के अनुसार, निरीक्षण दल द्वारा मिल से जिले के गोदामों में भंडारित कुल 37,109.63 क्विंटल चावल अमानक (BRL) पाया गया था। मिल संचालक द्वारा अब तक लगभग 24,506.80 क्विंटल अमानक चावल का ही उठाव किया गया है, जिसके विरुद्ध मात्र 17,052.26 क्विंटल मानक गुणवत्ता का चावल जमा किया गया है। उठाई गई मात्रा के मुकाबले अभी भी 7,454.54 क्विंटल चावल कम जमा किया गया है, और शेष अमानक चावल का पूर्ण निराकरण नहीं हुआ है। इसके चलते नोटिस प्राप्ति से 15 दिवस के भीतर शेष अमानक चावल का पूर्ण उठाव कर मानक चावल जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है।

ठीक दो दिन पहले क्या हुआ? वेयरहाउस में विवाद और पुलिस तक पहुंचा मामला
Truck driver files complaint at police station regarding transport dispute at Dindori warehouse.

इस अंतिम नोटिस के ठीक पहले, इसी मिल से जुड़े परिसर यानी अनीता खनूजा वेयरहाउस में अनाज के परिवहन और आवागमन को लेकर गंभीर विवाद की स्थिति सामने आई। रीवा से आए एक ट्रक चालक द्वारा वेयरहाउस परिसर में मारपीट करने, बंधक बनाने और जबरन चाबी छीनने को लेकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं दूसरी ओर, वेयरहाउस के मुंशी द्वारा भी माल लेकर भागने या अवैध परिवहन के संबंध में काउंटर आरोप लगाते हुए पुलिस को आवेदन दिया गया है। वर्तमान में स्थानीय कोतवाली पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को आधार बनाकर गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है, जिसने इस पूरे मामले में सनसनी फैला दी है।

यह पूरा मामला कैसे सामने आया? (शुरुआत और पिछली कड़ियां)
Anita Khanuja Warehouse and Rice Mill premises in Dindori district under administration radar.

यह पूरा प्रकरण अचानक उजागर नहीं हुआ, बल्कि इसकी परतें महीनों पहले उधड़नी शुरू हो गई थीं। 'प्रकाशित समाचार और कार्यालय कलेक्टर (जिला डिण्डौरी) द्वारा जारी कारण बताओ पत्र (क्रमांक 932, दिनांक 21/03/2026) के माध्यम से यह बात सामने आई थी कि दिनांक 06 फरवरी 2023 से 10 फरवरी 2026 के मध्य मिल परिसर स्थित गोदाम से बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या आदेश के 55,004 बोरी (कुल वजन 20,093.71 क्विंटल) चावल का संदिग्ध उठाव कर लिया गया था, जो मिलिंग नीति के प्रावधानों के प्रतिकूल था। इस पूरे घोटाले के दायरे में डिण्डौरी के अन्य गोदाम और मिलें भी आईं, जहां शुरुआती जांच में हजारों मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल रिजेक्ट (BRL) श्रेणी का पाया गया था, और प्रशासन द्वारा संबंधित मिलर्स को एक के बाद एक कई नोटिस थमाए गए थे।

यदि 15 दिन में संतोषजनक जवाब या चावल नहीं मिला, तो आगे क्या होगा? 
मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन द्वारा खनूजा राइस मिल को जारी किया गया 15 दिवसीय अंतिम नोटिस PART

नवीनतम नोटिस के अनुसार, यदि निर्धारित 15 दिवस की समय-सीमा के भीतर संपूर्ण अमानक चावल का उठाव कर उसके स्थान पर समतुल्य मानक गुणवत्ता का चावल अपने खर्चे पर जमा नहीं किया जाता है, तो प्रचलित मिलिंग नीति, एसओपी (SOP) और शासन के निर्देशों के अनुसार दण्डात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी तथा नियमानुसार वसूली की कार्रवाई हेतु प्रकरण सक्षम स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी मिल संचालक की होगी। इसके अलावा, इस पूरे मामले में पूर्व से ही आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) और राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) जैसी एजेंसियों की समानांतर जांच की चर्चाएं भी बनी हुई हैं।

 बड़े सवाल?????????????

एक तरफ वेयरहाउस परिसर में मारपीट, ट्रकों के जरिए अनाज के संदिग्ध परिवहन और पुलिस थाने तक पहुंचे विवाद, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर लगातार मिल रहे नोटिस और कार्रवाई—यह सब कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या नोटिसों के इस लंबे सिलसिले के बाद वास्तव में कोई ठोस धरातलीय और फौजदारी कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी केवल कागजी औपचारिकताओं तक सिमट कर रह जाएगा? डिण्डौरी की जनता और हर जागरूक नागरिक की निगाहें अब इन 15 दिनों की मियाद और प्रशासन के अगले सख्त कदम पर टिकी हुई हैं।

यह समाचार रिपोर्ट शासकीय दस्तावेजों, प्रशासनिक पत्रों, मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस में दर्ज शिकायतों / आवेदनों में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य पाठकों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है। मामले में दोनों पक्षों और जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है, और किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय के अधीन है।

📣 प्रामाणिक खबरें सबसे पहले पाएं!

Satyaprahar.space को Bookmark करें! 🔗

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Crafted by Abhilash Shukla and distributed by Virat Multi Services