शून्य प्रगति एवं पदीय दायित्व में लापरवाही बरतने के कारण पटवारियों को SDM कार्यालय द्वारा थमाया गया कारण बताओ नोटिस

जिले में शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर अब प्रशासन का सख्त चाबुक चलने लगा है। किसानों के हित से जुड़ी महत्वपूर्ण डिजिटल योजना 'एग्रीस्टेक पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री)' अभियान के दौरान अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं उपखण्ड डिण्डौरी के कार्यालय द्वारा 31 अगस्त 2026 को जिले के कई पटवारियों को सख्त लहजे में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है


क्या है पूरा मामला और किस बात पर हुई कार्रवाई?

प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों और जारी किए गए नोटिस के अनुसार, शासन के कड़े निर्देशों पर 20 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक 'एग्रीस्टेक पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री)' का विशेष अभियान मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय द्वारा पूर्व में 19 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर मैदानी अमले यानी पटवारियों को उनके दायित्वों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के तहत पटवारियों को अपने हल्का अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना था तथा किसानों की फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने, उनके अभिलेखों का परिमार्जन करने, त्रुटि सुधार करने और शेष छूटे हुए सभी खातेदारों को एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करना था। परंतु, जब कार्यालय द्वारा अद्यतन दैनिक प्रगति रिपोर्ट (डैशबोर्ड) का सूक्ष्म अवलोकन किया गया, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई पटवारियों के हल्कों में फार्मर रजिस्ट्री बकेट पूर्ण का कार्य पूरी तरह से शून्य पाया गया है। शासन की इस सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना में मैदानी अमले द्वारा कोई रुचि न लेना अत्यंत खेदजनक माना गया है और इसी सुस्ती को आधार बनाकर प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई की है

किन-किन पटवारियों पर गिरी है प्रशासनिक गाज?

इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जद में डिण्डौरी तहसील के कई पटवारी आए हैं, जिनसे उनके शून्य कार्य प्रगति को लेकर जवाब तलब किया गया है। कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने वालों में मुख्य रूप से

पुष्पराज सिंह पटवारी हल्का नंबर 45

विशाल पटवारी हल्का नंबर 100

 विशाल बिल्लौरे पटवारी हल्का नंबर 102

सुश्री रेशु पटवारी हल्का नंबर 14

मनमोहन सिंह मसराम पटवारी हल्का नंबर 40,41

 अनिल परस्ते पटवारी हल्का नंबर 51

रविराज चौहान पटवारी हल्का नंबर 77

जितेंद्र कुमार रजक पटवारी हल्का नंबर 126, 127

संजय सिंह परस्ते पटवारी हल्का नंबर 147

 कार्तिक प्रधान पटवारी हल्का नंबर 129

कानूनी प्रावधान और आगे की दंडात्मक कार्यवाही

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जारी किए गए इस कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि पटवारियों का यह रवैया शासकीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना, पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता को प्रदर्शित करता है। प्रशासन ने इसे म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के सर्वथा विपरीत माना है। इस घोर लापरवाही के फलस्वरूप संबंधित सभी पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के 02 दिवस के भीतर स्वयं समक्ष में उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि वे संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो क्यों न म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत दंडात्मक कार्यवाही करते हुए उनकी 01 वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा यह भी अल्टीमेटम दिया गया है कि निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने अथवा अनुपस्थित रहने की दशा में यह मान लिया जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही कर दी जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस पूरी प्रक्रिया की सूचना और पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर महोदय जिला डिण्डौरी तथा संबंधित तहसीलदारों को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है

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