डिंडौरी में प्रशासनिक हंटर: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में 5 लाख के फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितता पर पूर्व सरपंच को 30 दिन का जेल वारंट जारी!

 

जिला पंचायत डिंडौरी: ग्राम पंचायत रकरिया के पूर्व सरपंच को 30 दिवस की कारावास का वारंट जारी"

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बेहद सख्त और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिला पंचायत डिंडौरी के विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (IAS दिव्यांशु चौधरी) के न्यायालय द्वारा जनपद पंचायत डिंडौरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रकरिया के तत्कालीन एवं पूर्व सरपंच श्री शिवनंदन सिंह उइके के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उपधारा (2) के तहत उपजेल डिंडौरी में 30 दिवस के लिए कारावासित रखने का आधिकारिक वारंट जारी कर दिया गया है। दिनांक 31 अगस्त 2026 को जारी इस वारंट ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। न्यायालय ने उपजेल अधीक्षक डिंडौरी के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक डिंडौरी और थाना प्रभारी शाहपुर को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे दोषी पूर्व सरपंच को तत्काल अपनी अभिरक्षा में लेकर उपजेल सुपुर्द करें और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें

पुराना मामला: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में 5 लाख रुपये के गबन का कच्चा चिट्ठा

यह पूरा मामला वर्ष 2017-18 के दौरान प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों में बरती गई भारी अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, योजना के तहत पोषक ग्राम सुरजपुरा में ग्राम चौपाल निर्माण कार्य के लिए 2,50,000/- रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसे कागजों में पूर्ण बताकर पूरी राशि का आहरण कर लिया गया, जबकि धरातल पर एक इंच भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया। ठीक इसी प्रकार, उसी योजना के तहत उसी वर्ष सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य के लिए भी 2,50,000/- रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसका भी आहरण बिना किसी वास्तविक निर्माण कार्य के कर लिया गया। इस तरह कुल 5,00,000/- (पाँच लाख) रुपये की शासकीय राशि बिना एक ईंट लगाए नियम विरुद्ध तरीके से डकार ली गई, जो सीधे तौर पर लोकधन का घोर दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी है

देयता निर्धारण और सचिव-सरपंच की अलग-अलग भूमिका

इस गंभीर वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद प्रशासन ने म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के प्रावधानों के तहत पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव के विरुद्ध देयता निर्धारण प्रकरण क्रमांक 018 (अ-89 अ-19) 2024-25 पंजीबद्ध किया था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और विचारण के उपरांत न्यायालय द्वारा 26 मई 2025 को अंतिम आदेश पारित किया गया था। इस मामले में पूर्व सचिव ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने हिस्से की अधोरोपित 2,50,000/- रुपये की राशि 16 दिसंबर 2024 को ही शासकीय कोष में जमा कर दी थी। इसके विपरीत, पूर्व सरपंच श्री शिवनंदन सिंह उइके ने 23 जनवरी 2025 को केवल आंशिक रूप से मात्र 50,000/- रुपये ही जमा किए, और शेष 2,00,000/- रुपये की भारी-भरकम राशि दबाकर बैठ गए

वसूली के लिए मिले पर्याप्त अवसर और अंतिम आदेश

देयता निर्धारण आदेश 26 मई 2025 के पारित होने के बाद भी पूर्व सरपंच को शेष 2,00,000/- रुपये शासन कोष में वापस करने के लिए कानून के दायरे में रहकर पूरे पर्याप्त और युक्तियुक्त अवसर प्रदान किए गए थे। इस संबंध में धारा 92 के अंतर्गत नया वसूली प्रकरण क्रमांक 303/2025-26 पंजीबद्ध कर उन्हें नोटिस दिए गए और रकम चुकाने का पूरा मौका दिया गया। इसके बावजूद ग्राम पंचायत रकरिया के पूर्व सरपंच द्वारा राशि जमा कराने में पूरी तरह से उदासीनता और लापरवाही बरती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय द्वारा विधिवत विचारण के पश्चात 29 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश पारित किया गया था, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि पूर्व सरपंच श्री शिवनंदन सिंह उइके आगामी 15 दिवस के भीतर शेष 2,50,000/- रुपये शासन कोष में अनिवार्य रूप से जमा कराएं

आगे क्या: प्रशासनिक शिकंजा और पुलिस की तामीली

न्यायालय द्वारा दी गई 15 दिनों की समयावधि पूरी तरह से बीत जाने के बावजूद जब दोषी पूर्व सरपंच श्री शिवनंदन सिंह उइके द्वारा निर्धारित रकम शासन कोष में जमा नहीं कराई गई, तब जाकर विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (IAS दिव्यांशु चौधरी) ने म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उपधारा (2) की प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 31 अगस्त 2026 को यह कड़ा गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इस आदेश की प्रतियां जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं। थाना प्रभारी शाहपुर को निर्देशित किया गया है कि वे अभियुक्त को तुरंत गिरफ्तार कर उपजेल डिंडौरी में दाखिल करें। 'सत्य प्रहार न्यूज़' इस खबर पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस ऐतिहासिक कार्रवाई से जुड़े हर अपडेट को सबसे पहले अपने पाठकों तक पहुँचाता रहेगा।

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