मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 22 अक्टूबर से अयोध्या-काशी की भव्य यात्रा, जिले को मिलीं 196 सीटें

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 डिंडौरी जिले के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बेहद हर्ष का विषय सामने आया है, जिसके तहत मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब बुजुर्गों को श्री रामलला की नगरी अयोध्या और बाबा विश्वनाथ की काशी (वाराणसी) के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। जिला प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह विशेष तीर्थ यात्रा आगामी 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 27 अक्टूबर 2026 तक यानी कुल 6 दिवसीय होगी, जिसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इस आध्यात्मिक यात्रा के लिए डिंडौरी जिले को कुल 196 बर्थ (सीटों) का कोटा आवंटित किया गया है, जिसके लिए यात्रियों का बोर्डिंग स्टेशन जबलपुर निर्धारित किया गया है। यात्रा से जुड़ी खास शर्तों के मुताबिक, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और जो किसी भी प्रकार के आयकरदाता (Income Tax Payers) नहीं हैं।

आवेदन प्रक्रिया और निकायवार सीटों का कोटा योजना के तहत पत्र और इच्छुक आवेदकों से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित नियमों के तहत आवेदन प्राप्त कर उन्हें आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया तय की गई है। आवेदन पत्र के साथ [Aadhaar Redacted] एवं समग्र आईडी की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य रखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित जनपद पंचायतों और नगर परिषदों को यह कड़े निर्देश दिए हैं कि वे प्राप्त होने वाले आवेदनों की समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें और चयनित हितग्राहियों की अंतिम सूची आईआरसीटीसी भोपाल को समय पर उपलब्ध कराएं।

निर्धारित कोटे के अनुसार, नगर परिषद डिंडौरी और शहपुरा से 25-25 आवेदन, जबकि जनपद पंचायत डिंडौरी, अमरपुर, समनापुर, बजाग, करंजिया, शहपुरा और मेंहदवानी से 50-50 आवेदन प्राप्त किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है।

यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश और सलाह प्रशासन ने यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए कुछ अहम दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को अपनी पहचान के रूप में मूल [Aadhaar Redacted] अथवा मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) अनिवार्य रूप से अपने पास रखना होगा। इसके अलावा, मौसम के मिजाज को देखते हुए चादर, कंबल और अन्य आवश्यक व्यक्तिगत जरूरत का सामान साथ रखने की सलाह दी गई है। स्पष्ट किया गया है कि यदि यात्रा के दौरान कोई भी तीर्थयात्री किसी प्रकार की विशिष्ट या अतिरिक्त व्यक्तिगत सुविधाओं का लाभ उठाता है, तो उसका पूरा खर्च संबंधित यात्री को स्वयं ही वहन करना होगा। 

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