राज्य शासन के महत्वाकांक्षी और लोक-कल्याणकारी मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के आयोजन से ठीक पहले डिंडोरी जिले में प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है। कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने और जिले की धरातलीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर के कुशल निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों और विभागीय संस्थाओं का व्यापक सघन भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस विशेष अभियान के तहत आज एक ही दिन में कुल 36 आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखना और उनमें तुरंत सुधार लाना था।
प्रशासन की इस व्यापक निरीक्षण मुहिम के दौरान प्रशासनिक टीमों ने केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार के वितरण, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और पोशन ट्रैकर एप पर दर्ज होने वाली जानकारियों की बारीकी से जांच-पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान जहां कई केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, वहीं कुछ केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी खुलकर सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, आज किए गए कुल 36 केंद्रों के निरीक्षण में से 6 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई, जबकि 4 केंद्रों में बिजली का कनेक्शन तक नहीं था। इसके अलावा, 12 केंद्रों के परिसरों और कमरों में साफ-सफाई के मामले में गंभीर कमियां देखने को मिलीं। इन सभी कमियों को प्रशासनिक अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया है और संबंधित विभागों के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। बच्चों के भविष्य और पोषण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त न करते हुए, व्यवस्थाओं में गंभीर कमी और कार्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर कुल 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए गए हैं। इस सख्त कार्रवाई से पूरे मैदानी अमले में यह स्पष्ट संदेश चला गया है कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, सभी संबंधित पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार लाएं, केंद्रों पर बच्चों की दैनिक उपस्थिति में बढ़ोतरी करें, बच्चों के नियमित वजन और शारीरिक वृद्धि की निगरानी वैज्ञानिक तरीके से करें तथा पोषण ट्रैकर एप पर सभी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर दर्ज करना पूरी तरह सुनिश्चित करें।
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पर्यवेक्षकों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाली सभी निर्धारित गतिविधियों का अपने क्षेत्रों में बेहद प्रभावी और अनुशासित आयोजन सुनिश्चित करवाएं। साथ ही, निरीक्षण के दौरान जिन-जिन केंद्रों पर जो भी कमियां पाई गई हैं, उनका एक निश्चित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण करवाना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी। प्रशासन का यह पूरा प्रयास है कि मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता तक शासन की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और बेहतरीन व्यवस्था के साथ पहुंचे, जिससे डिंडोरी जिले के हर एक बच्चे और परिवार को सीधा और सकारात्मक लाभ मिल सके। इस प्रकार की निरंतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट से आने वाले दिनों में जिले की आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं में एक सकारात्मक और स्थायी सुधार देखने को मिलेगा, जिससे नौनिहालों का भविष्य और अधिक उज्जवल और सुरक्षित बन सकेगा।

0 टिप्पणियाँ