आपसी भाईचारे और सुरक्षा के संग; शांति समिति की बैठक में बनी पुख्ता रणनीति

 डिंडौरी जिले में आगामी त्यौहारों के सीजन को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में आज कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक किसी पारंपरिक औपचारिकता से कहीं आगे बढ़कर आपसी समन्वय और जन-सहयोग का एक जीवंत उदाहरण बनी। बैठक का मुख्य केंद्रबिन्दु जिले के पारंपरिक सद्भाव को बरकरार रखते हुए हर वर्ग के आयोजनों को सुगम और सुरक्षित बनाना रहा। इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे, अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन के साथ-साथ शहर के प्रबुद्ध शांति समिति के सदस्य और प्रमुख विभागों के अधिकारी एक मंच पर नजर आए।


प्रशासन ने इस बार त्यौहारों के कैलेंडर को बेहद बारीकी से रेखांकित करते हुए अग्रिम तैयारियों का खाका खींचा है। बैठक में आगामी 26 अगस्त 2026 को मनाए जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी, 4 सितंबर की कृष्ण जन्माष्टमी, 14 से 25 सितंबर तक गूंजने वाले गणेशोत्सव के जयकारों व प्रतिमा विसर्जन, तथा 11 से 20 अक्टूबर 2026  शक्ति की आराधना के पर्व नवरात्र, दशहरा और दुर्गा विसर्जन की व्यवस्थाओं पर विस्तृत मंथन किया गया। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कागजी खानापूर्ति के बजाय मैदानी स्तर पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित की जाएं ताकि पर्वों की पवित्रता और उल्लास में किसी प्रकार की आंच न आए।

डिंडौरी की विशिष्ट गंगा-जमुनी तहज़ीब और गौरवशाली परंपरा का हवाला देते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जिले की पहचान यहां के आपसी प्रेम, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल से है। उन्होंने संबंधित महकमों को साफ-सफाई के विशेष अभियान, शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति, त्योहार के दिनों में सुचारू विद्युत व्यवस्था, यातायात के सुगम डायवर्जन प्लान और संवेदनशील विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए। उनका स्पष्ट संदेश था कि हर नागरिक का पर्व हर्षोल्लास के साथ मने और किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी, वहीं सौहार्द बनाए रखने में जनता का सहयोग सबसे बड़ा संबल है। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रशासन की आंख और कान बनकर समाज में सकारात्मक संदेश दें। बैठक के अंत में समिति के सदस्यों ने एक सुर में प्रशासन को पूरा भरोसा दिलाया कि डिंडौरी में हर त्यौहार हमेशा की तरह इस बार भी आपसी सौहार्द और मिशालनुमा शांति के साथ संपन्न कराया जाएगा।

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