डिंडौरी (मध्य प्रदेश):
जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा तथा खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिलावटखोरों के खिलाफ जिलेभर में एक व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के पालन में गठित विशेष प्रशासनिक जांच दल ने दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की आशंका को देखते हुए डिंडौरी शहर तथा आसपास के इलाकों में संचालित कई नामचीन किराना प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की। इस पूरे अभियान के दौरान अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 30,405 रुपये अनुमानित बाजार मूल्य का 41.7 लीटर अमानक घी जब्त कर सील किया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन और तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे के प्रत्यक्ष नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक टीम ने सबसे बड़ी और अहम कार्रवाई पुरानी डिंडौरी स्थित 'साहू किराना स्टोर' पर अंजाम दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब दुकान के स्टॉक की बारीकी से जांच की, तो वहां बिक्री के लिए रखा गया 'डीएफ गोल्ड काउ घी' और 'औषधा ब्रांड घी' गुणवत्ता के मानकों पर संदिग्ध पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही वैधानिक पंचनामा तैयार करते हुए 'डीएफ गोल्ड काउ' और 'औषधा' दोनों ब्रांडों के कुल 41.7 लीटर घी के स्टॉक को जब्त कर पूरी तरह से सील कर दिया। इसके अलावा जांच दल ने डिंडौरी शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध व्यापारी भाई किशोर कुमार-मुकेश कुमार के प्रतिष्ठान, पुरानी डिंडौरी के गुरु नानक किराना तथा मीना सुपर बाजार की दुकानों पर भी दबिश दी। इन सभी स्थानों पर खाद्य सामग्रियों के भंडारण, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता के मानकों को परखा गया तथा प्रयोगशाला जांच हेतु विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पूरी चौकसी दिखाई। इसी अभियान के अंतर्गत समनापुर क्षेत्र के नायब तहसीलदार और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के संयुक्त नेतृत्व में एक अलग टीम ने ग्रामीण बाजारों का रुख किया। इस टीम ने ग्राम मानिकपुर स्थित रोहित किराना स्टोर और समनापुर स्थित संजय किराना स्टोर सहित कुल तीन किराना दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए खाद्य पदार्थों की उपलब्धता, दर सूची और गुणवत्ता संबंधी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।
छापेमारी के दौरान सभी प्रतिष्ठानों से एकत्र किए गए 'डीएफ गोल्ड काउ' व 'औषधा' ब्रांड घी तथा अन्य खाद्य नमूनों को सील बंद प्रक्रियाओं के तहत 'राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल' भेजा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भोपाल स्थित लैब से आधिकारिक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट प्राप्त होते ही, मिलावट या अमानकता की पुष्टि होने पर संबंधित ब्रांड निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के कठोर प्रावधानों के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जनस्वास्थ्य के हित में यह विशेष जांच एवं जब्ती अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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