डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। क्षेत्रीय सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण महा-बैठक में जिले के तमाम जनप्रतिनिधि और शीर्ष अधिकारी एक मंच पर उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को परखना रहा, जहाँ प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कलेक्ट्रेट सभागार में चली इस समीक्षा बैठक में जिले की प्रशासनिक और राजनीतिक धुरी के रूप में कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। बैठक में डिंडौरी विधायक श्री ओमकार सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रूद्रेश परस्ते, कलेक्टर डिंडौरी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी और डीएफओ डिंडौरी श्री अशोक सोलंकी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बैठक में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
पीएमजीएसवाई अधिकारियों की गैर-हाजिरी पर कड़ा रुख, कार्रवाई के निर्देश
विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के वरिष्ठ अधिकारियों के बैठक से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने इसे जनहित के कार्यों के प्रति गंभीर उदासीनता करार दिया। उन्होंने संबंधित गैर-हाजिर अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
जल संसाधन और राघवपुर क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब पर चिंता जताई गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए विलंब के कारणों की समीक्षा कर शासन को तुरंत अवगत कराने को कहा। साथ ही, सभी लंबित कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, राघवपुर क्षेत्र की अटकी हुई योजनाओं का काम शीघ्र शुरू कर तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए ताकि क्षेत्र की जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
एनएच-45 की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
जबलपुर-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (एनएच-45) के चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर डीपीआर के मुताबिक तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। सड़क निर्माण में उच्च स्तर की गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत दी गई ताकि आम नागरिकों और विद्यार्थियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित निरीक्षण, जरूरी दवाओं के पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता और हर पात्र हितग्राही का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने पर विशेष बल दिया गया।

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