डिंडोरी। आजीविका मिशन मेहदवानी ब्लॉक में पदस्थ सहायक विकासखंड प्रबंधक रघुवर सिंह मसराम (61 वर्ष) की शनिवार को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने विभाग पर पिछले चार महीने से वेतन न देने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण अधिकारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसके चलते समय पर उपचार कराने में भी कठिनाई आ रही थी। अंततः सहकर्मियों के सहयोग से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जब रघुवर सिंह मसराम मेहदवानी ब्लॉक में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के शासकीय कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात थे, तभी अचानक उनके सीने में तीव्र दर्द उठा। उपस्थित स्टाफ द्वारा उन्हें तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मंडला जिला अस्पताल संदर्भित (रेफर) किया गया। स्थिति में सुधार न होने पर देर रात करीब 2 बजे उन्हें जबलपुर के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को उनका अंतिम संस्कार उनके गृह जिले अनूपपुर के ग्राम कंचनपुर देवरी में किया गया।
मृतक के पुत्र उमेश मसराम ने बताया कि उनके पिता की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) में मात्र आठ माह शेष थे। पिछले चार महीनों से वेतन अवरुद्ध होने के कारण वे मानसिक और आर्थिक रूप से अत्यधिक तनाव में थे। रघुवर सिंह अपने पीछे पत्नी लीला बाई और दो विवाहित पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं।
इस संवेदनशील प्रकरण पर आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अर्पणा पांडेय ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए स्वीकार किया कि पिछले चार माह से जिला स्तर पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का वेतन भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब भुगतान सीधे ट्रेजरी (कोषालय) के माध्यम से होना निर्धारित हुआ है, जिसके क्रियान्वयन में तकनीकी एवं नेटवर्क संबंधी व्यवधान आ रहा है। इस समस्या के निराकरण हेतु भोपाल स्थित राज्य कार्यालय को निरंतर पत्राचार किया जा रहा है और शीघ्र ही लंबित भुगतान कराने के प्रयास जारी हैं।

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